बुधवार, 22 मई 2013

जिससे न दूर भगा जा सकता है न पास ....

कुछ लोग जीवन में बहुत कम मिलते है पर उनकी एक मुलाक़ात , एक याद , एक ऐसी बात जो हमेशा कही न कही याद आ जाती है जिसमे कुछ अपना सा लगता है ऐसे लोगो का रोज मिलना नहीं होता पर अपने करीबियों में जिनके दुःख , सुख में हमारे दुःख सुख अपने आप ही जुड़ जाते है ..... उनके जाने पर हमेशा उस एक पल की याद कई दिनों तक रह रह कर ताज़ा हो जाती है ऐसे लम्हे हमेशा आँखों में आंसू और जीवन की असल सच्चाई ( एक दिन सभी को जाना है ) यादकर अन्दर से टूट जाने पर मजबूर कर देते है फिर भी लोग कुछ दिनों बाद उसे भुलाकर झूठी ज़िन्दगी की पटरी पर चलने को मजबूर हो जाते है जीवन की यही सचाही है जिससे न दूर भगा जा सकता है न पास ....

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें